Pal Pal Timrai – Sukmit Gurung 

पलपल तिम्रै सम्झनामा, डुबिरहन्छु म।…२
दिन हो कि रात हो, के हो के भो, थाहै हुन्न।…२

पलपल तिम्रै सम्झनामा, डुबिरहन्छु म।
[मोहनी लायौ कि, तिमीले मलाई।

मेरो मनभित्र, माया भै जाग्यौ, खै के भो के भो ]…२

माया बसेकै हो कि, के हो के भो, चालै पाईन।…२

पलपल तिम्रै सम्झनामा, डुबिरहन्छु म।
[सपनीमा पनि देख्ने गर्छु, कल्पनाको सागर तर्छु।

के जादु गर्यौ तिमीले।]…२

तेसै तेसै टोलाई रहन्छु, के हो के भो, थाहै पाईन।…२

पलपल तिम्रै सम्झनामा, डुबिरहन्छु म।
दिन हो कि रात हो, के हो के भो, थाहै हुन्न।…२

पलपल तिम्रै सम्झनामा, डुबिरहन्छु म।

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